देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति में शनिवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक, राज्य के 6 बड़े नेता आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि पार्टी या संबंधित नेताओं की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। आप उत्तराखंड के कई बड़े नेताओं को कांग्रेस पार्टी में शामिल होते देखेंगे। इन नेताओं में पूर्व विधायक, पूर्व मेयर और ब्लॉक प्रमुख शामिल हैं। हालांकि कांग्रेस पार्टी ने अभी तक अपने दल में शामिल होने वाले नेताओं की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की है, और न ही नेताओं ने खुद ऐसा कोई बयान दिया है, लेकिन जिन नामों की चर्चा चल रही है, वे राजनीतिक जानकारों के बीच पहले से ही चर्चा का विषय बने हुए हैं।
आज उत्तराखंड कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण दिन साबित होने वाला है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले, राज्य के छह बड़े नेता कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। जिन नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा है, वे उत्तराखंड की छह प्रमुख विधानसभा सीटों से जुड़े हुए हैं। यह इस बात का संकेत है कि कांग्रेस पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पूरे नौ महीने पहले ही अपनी ज़मीन तैयार करना शुरू कर दिया है यानी प्रमुख सीटों पर अपने उम्मीदवारों को रणनीतिक रूप से तैनात करना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार इन छह नेताओं और उनसे जुड़ी छह विधानसभा सीटों में से तीन गढ़वाल मंडल की और तीन कुमाऊं मंडल की हैं। गढ़वाल मंडल से, पूर्व विधायक भीमलाल आर्य (घनसाली सीट, उत्तरकाशी जिले में सक्रिय), पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता (मसूरी सीट में सक्रिय), और पूर्व मेयर गौरव गोयल (रुड़की सीट में सक्रिय) के आज कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की उम्मीद है। इनमें से कुछ नेता BJP से जुड़े हैं, जबकि कुछ निर्दलीय हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह घटनाक्रम रुड़की के मौजूदा विधायक प्रदीप बत्रा को उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के ठीक एक सप्ताह बाद सामने आया है।
क्या हैं सियासी मायने?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखते हैं। ऐसे में इनके कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को जमीनी स्तर पर बड़ा फायदा मिल सकता है। यह कदम 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं का कांग्रेस में शामिल होने का कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित किया जा सकता है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखते हैं। ऐसे में इनके कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी को जमीनी स्तर पर बड़ा फायदा मिल सकता है। यह कदम 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं का कांग्रेस में शामिल होने का कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित किया जा सकता है। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल सहित कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे।
बीजेपी के लिए चुनौती?
अगर ये सियासी समीकरण सच साबित होते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी के लिए यह बड़ा झटका हो सकता है। हालांकि बीजेपी भी अपने संगठन को मजबूत करने और जवाबी रणनीति के लिए जानी जाती है। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की है, जिससे सियासी गतिविधियां और तेज हो गई हैं। फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम अटकलों पर आधारित है, लेकिन अगर ये 6 नेता कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।
अगर ये सियासी समीकरण सच साबित होते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी के लिए यह बड़ा झटका हो सकता है। हालांकि बीजेपी भी अपने संगठन को मजबूत करने और जवाबी रणनीति के लिए जानी जाती है। इसी बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाकात की है, जिससे सियासी गतिविधियां और तेज हो गई हैं। फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम अटकलों पर आधारित है, लेकिन अगर ये 6 नेता कांग्रेस में शामिल होते हैं, तो उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।
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